मीना की योनि में तब तक संभोग किया जाता रहा जब तक उसकी आंखें ऊपर की ओर नहीं घूम गईं, और वह चीखने लगी और दया की भीख मांगने लगी।
कैमरे पर मीना के कोमल चेहरे पर असहनीय वासना झलक रही थी। उसने अपने होंठ काट लिए, उसकी आँखें नम हो गईं। जब मोटा, कठोर लिंग उसकी गीली, धड़कती योनि में घुसा, तो वह खुद को रोक नहीं पाई और कराहने लगी। हर धक्के से उसका पूरा शरीर कांप रहा था, उसके बड़े स्तन हर हरकत के साथ ज़ोर से हिल रहे थे, उसके निप्पल पहले से ही सख्त थे। उसकी टांगें चौड़ी खुली थीं, जिससे वह उसे बेतहाशा धक्के दे रहा था, उसका रस चारों ओर फैल रहा था, चादरें भीग रही थीं। मीना के साथ तब तक यौन संबंध बनाए गए जब तक वह लगभग बेहोश नहीं हो गई, वह केवल असहाय होकर अपनी कमर मरोड़ पा रही थी और बार-बार चिल्ला रही थी, "और अंदर!" उसकी कामुक और उत्तेजक अदा सचमुच दिलकश थी।













